किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी : हेमंत

2020-01-24T05:45:03Z

गुदड़ी नरसंहार : मृतकों के स्वजन से मिलने बुरुगुलीकेरा गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा- हर पहलू की होगी जांच

बोले मुख्यमंत्री

-पीडि़त परिवारों की सुरक्षा एवं हरसंभव मदद करने के लिए डीसी को दिया निर्देश

-दोबारा ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए पुलिस सूचना तंत्र को बनाया जाएगा प्रभावी

-झारखंड में जल्द विधवा पेंशन देने के लिए शुरू होगी एक नई व्यवस्था

-परिवार के सदस्यों और बच्चों के अनुसार दी जाएगी पेंशन

प सिंहभूम : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि बुरुगुलीकेरा में हुए नरसंहार के दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी राज्य में काननू व्यवस्था तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हेमंत गुरुवार को नरसंहार पीडि़तों से मिलने पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड की गुलीकेरा पंचायत के बुरुगुलीकेरा गांव पहुंचे थे। पीडि़त परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार जनता के जान माल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। पूरा झारखंड राज्य मेरा घर है और यहां के वासी मेरे परिवार के सदस्य। राज्य में कानून व्यवस्था प्राथमिकता में ऊपर है। किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़ने का कोई अधिकार नहीं है। घटना के दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों के परिजनों से मिले

मुख्यमंत्री गांव पहुंचकर सीधे मृतकों के स्वजन के पास पहुंचे। उनके पास जमीन पर बैठकर इस निर्मम घटना की जानकारी ली। कहा कि सरकार इस विपदा की घड़ी में उनके साथ है। हम हर संभव सहायता देंगे। उन्होंने डीसी अरवा राजकमल और एसपी इंद्रजीत माहथा को पीडि़त परिवारों की सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया गया है। एक तय समय सीमा में घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कहा कि भविष्य में राज्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए पुलिस सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए। ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बहुत ही हृदय विदारक है। मुझे इस बात की बहुत तकलीफ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधवा पेंशन देने के लिए एक नई व्यवस्था बना रही है। इसके तहत विधवा को उसके परिवार के सदस्यों और बच्चों के अनुसार पेंशन की राशि दी जाएगी।

पत्थलगड़ी के विरोध के कारण हत्या नहीं हुई

मीडिया के समक्ष मुख्यमंत्री ने पत्थलगड़ी के विरोध के कारण हत्या किए जाने की बात से इन्कार किया। कहा कि जांच टीम खुलासा करेगी कि सही कारण क्या है। इस दौरान मृतक उप मुखिया जेम्स बूढ़ के बड़े भाई नाथूराम बूढ़ ने मुख्यमंत्री को बताया कि पत्थलगड़ी समर्थक घर आए। बैठक के लिए बुलाया तो भाई नहीं गया। इसके बाद जेम्स बूढ़ को घसीटते हुए मार पीटकर ले गए। फिर हत्या कर दी गई। जेम्स बूढ़ ही सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे। वे पत्थलगड़ी के विरोध में थे। इसलिए घटना को पत्थलगड़ी समर्थकों ने ही अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने अन्य मृतकों के स्वजन से भी मुलाकात की। कहा कि बच्चों को अच्छे स्कूलों में शिक्षा दिलाएंगे। आश्रितों को सरकार उचित मुआवजा देगी।


Posted By: Inextlive

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