कैंट की दारू राजघाट का सोडापानी खोराबार में पीकर करते मनमानी

2019-07-01T06:00:47Z

- सड़कों पर देर रात तक चलती खुलेआम दारू पार्टी

- शहर में जगह-जगह खुले बिरयानी सेंटर बने बार

GORAKHPUR: शहर में कभी-कभी ऐसे भी केस सामने आते हैं जिन्हें सुनकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित नगर निगम कॉम्प्लेक्स में रहने वाले कई परिवार घर के नीचे खुले बिरयानी की दुकान पर दारूबाजों के जमघट से परेशान होकर शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं। यहां हैरान करने वाली बात ये है कि कॉम्प्लेक्स खोराबार थाना क्षेत्र में है, सड़क पार दारू की दुकान कैंट थाना क्षेत्र में जबकि ठीक बगल में राजघाट थाना लगता है जहां सोडा और पानी मिलता है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कैंट से दारू, राजघाट से सोडा-पानी लेकर खोराबार थाने में पड़ने वाले निगम के कॉम्प्लेक्स में बिरयानी की दुकान पर दारूबाजों का जमावड़ा लगता है जो खुलेआम कहीं भी बैठकर शराब पीते हैं। जिससे परिवार के लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकल पाते। ये केवल एक जगह की बात नहीं है, ये हाल पूरे शहर का है। गोलघर, स्टेशन, रुस्तमपुर ढाला सहित कई जगहों पर शाम होते ही सड़कों पर दारूबाजों का जमावड़ा आप हर दिन देख सकते हैं।

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने की पड़ताल

ट्रांसपोर्ट नगर एरिया स्थित नगर निगम कॉम्प्लेक्स में ऊपर कई परिवार रहते हैं और नीचे एक बिरयानी की दुकान पर हर दिन दारूबाजों का जमघट लगता है। जिसकी वजह से कॉम्प्लेक्स में रहने वाले परिवार शाम होते ही घर के अंदर कैद हो जाते हैं। इस बात की पड़ताल करने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट टीम ट्रांसपोर्ट नगर स्थित निगम कॉम्प्लेक्स में पहुंची तो वहां बाहर ही बिरयानी की दुकान सजी हुई थी, जिसके बगल में दर्जन भर से ज्यादा बाइक्स खड़ी थीं। अंदर एक होटल भी था जिसमे ऑर्डर के बाद बिरयानी जा रही थी। यहां अंदर और बाहर सीढि़यों पर दोनों जगह लोग खुलेआम शराब पीते नजर आए।

सड़क पर खुलेआम पीते शराब

टीम जब थोड़ी दूर आगे रुस्तमपुर ढाले के पास पहुंची ताो वहां भी शराब की दुकान के बाहर लोग दारू और बीयर पीते नजर आए। ये सड़क पर ही आराम से चखना सजाकर पैक बना रहे थे। टीम इसके बाद स्टेशन पहुंची तो वहां तो हर तरफ लोग शराब पीते नजर आए। रेलवे स्टेशन चौकी के सामने स्थित बार के पीछे तो पूरी देसी और अंग्रेजी शराब का संगम नजर आ रहा था। दोनों ही दारू के साथ किसी भी दुकान पर बड़े आराम से लोग बहक रहे थे। इन्हें देखने या बोलने वाला कोई जिम्मेदार नहीं दिखा।

अधिकतर दुकानें बनीं बार

हैरत करने वाली बात ये भी है कि गोरखपुर में बार और मॉडल शॉप तो आप अंगुलियों पर गिन सकते हैं। लेकिन इनसे कहीं अधिक साधारण दुकानें हैं जो बार का रूप ले चुकी हैं। इनकी संख्या इतनी अधिक है कि इसे गिना भी नहीं जा सकता। बिना लाइसेंस की दुकानें बार और मॉडल शॉप से कहीं ज्यादा कमाई भी कर रही हैं लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।

वर्जन

कोई भी दुकानदार अतिक्रमण नहीं कर सकता है। खुलेआम शराब पीना और पिलाना दोनों ही गलत है। इन सभी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

आरके श्रीवास्तव, एडीएम सिटी


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