मंगल से आने वाले पहले इंसान को दूंगी अपनी सारी प्रापर्टी

2011-09-30T08:12:08Z

लंदन के एक कारीगर केवेन्टर अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे कि अचानक एक गिलहरी उनकी बाइक के पहिये के नीचे आकर मर गई उनको इस घटना का इतना अफसोस हुआ कि उन्होने अपनी वसीयत में सारी प्रापर्टी गिलहरियों के नाम कर दी

इंसान सारी जिन्दगी कमाता है और मरने से पहले वसीयत कर अपनी प्रापर्टी को अपने चहेतों के नाम छोड़ जाता है. पर क्या आपने अपने आसपास किसी ऐसे इंसान की वसीयत के बारे में सुना है जिसमें उसने अपनी प्रापर्टी को भूतों के नाम कर दिया हो या किसी गाय के नाम. अगर नहीं तो हम बता रहे हैं कुछ ऐसी ही अजब गजब वसीयतों के बारे में जिन्हे जानकर आप भी हैरानी से कहेंगे,  ‘What an idea sir ji’
1. मध्यप्रदेश के इंदौर के एक कपड़ा व्यवसायी रामनिवास चौधरी ने अपनी सारी प्रापर्टी बंदरों के नाम कर दी थी. उनकी मौत फरवरी 1982 में हुई थी. उनकी टोटल प्रापर्टी 3 लाख 17 हजार रुपए थी.
2. फ्रांस के एक आशिक मिजाज महोदय ने तो अपनी वसीयत में सारी प्रापर्टी उन हसीनाओं को देने को कह दिया जो जिनकी आंखें, नाक, होठ और बाल सुंदर हों.
3. दाढी मूंछों को बुरी तरह नापसंद करने वाले लंदन के एक फर्नीचर व्यापारी ने अपनी वसीयत में सारी प्रापर्टी उन कारीगरों के नाम लिख दी, जो क्लीन शेव रहते हों.
4. एक महोदय ने अपनी वसीयत में लिखा कि उसकी मौत के समय जो सबसे ज्यादा हंसे, उसे प्रापर्टी का चेयरमैन अप्वाइंट किया जाये, और जो रोए उसे कुछ न दिया जाए.
5. अमरीका के एंडरसन को बिल्लियों से बहुत प्यार था. उनके पास 17 बिल्लियां एवं 3 बिल्ले थे. जब उनकी डेथ के बाद 12 दिसंबर 1990 को उनकी वसीयत पढ़ी गई तो तीनों बिल्लों को 11-11 लाख डालर तथा 17 बिल्लियों को 6-6 लाख डालर मिले. उनकी टोटल प्रापर्टी थी 135 लाख डालर कीमत की. वसीयत के पढ़े जाने के वक्त एंडरसन के सभी रिश्तेदार मौजूद थे. बेटे एलिस की तो इस सदमे से मौत ही हो गई कि उसके पिता ने उसके लिए फूटी कौड़ी तक नहीं छोड़ी.
6. फ्रांस की मदाम क्लरा तो इन सभी से आगे निकलीं. उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा कि उनकी सारी जायदाद उस इंसान को मिलेगी जो मंगल ग्रह से आने वाला पहला आदमी होगा. अब यह तो वक्त ही बताएगा कि क्या कोई एपना दावा ठोकने मंगल ग्रह से धरती पर आएगा.
7. टेक्सास के विल्सन ने अपनी वसीयत को अपनी पीठ पर ही गुदवा लिया था. उसे डर था कि कहीं उसकी वसीयत को बदल न दे. 
8. फिनलैण्ड के फैडरिक रिचर्ड इन सबमें अनोखे हैं. उन्होंने अपनी सारी प्रापर्टी शैतान यानि भूत के नाम कर दी. नतीजा यह हुआ कि जब काफी अर्से तक किसी भूत ने उस प्रापर्टी ने अपना दावा पेश नहीं किया तो सरकार ने ही सारी जायदाद को अपने कब्जे में ले लिया. यानि सरकार बन गई सबसे बड़ी शैतान.
9. वोरिया के फेमस लिटराटर कांग जुफूसोल ने अपने लिट्रेचर से काफी कमाई की थी. अपनी वसीयत में उन्होने लिखा था कि वे उस इंसान को अपनी सारी प्रापर्टी देंगे जो उसकी याद में कैपिटल में 1500 मीटर ऊंचा टावर बनाएगा. खैर ऐसा कुछ नहीं हो पाया और कांह जुफूसोल की सारी प्रापर्टी सरकार ने अपने कब्जे में ले ली. 
10. स्कॉटलैंड के एक बिजनेसमैन ने अपनी प्रापर्टी को डिवाइड करने का अलबेला तरीका निकाला. उन्होने प्रापर्टी डिवाइड करने के लिये बाडी वेट को बेस बनाया. मतलब यह कि जिस बेटे का जितना ज्यादा वजन उसको उतनी ही ज्याद रकम. इससे मोटों की तो किस्मत खुल गई मगर बेचारे दुबलों की वाट लग गई.
11. इटली के फेमस Veterinarian बारोमोलिया भेड़ों से बहुत प्यार करते थे. उनका प्यार इस कदर था कि वे इन भेड़ों को अपने बंगले में पूरी शान शौकत के साथ रखते थे. आप सोच रहे होंगे कि शायद उनके पास 1 या 2 भेड़ें होंगी तो जनाब जान लीजिये कि उनके पास पूरी 135 भेड़ें थीं. इतनी सारी भेड़ों को पालने के लिये उन्होने अपनी आधी प्रापर्टी (यानी 28 लाख लीरा में से 14 लाख लीरा) उनके नाम कर दी थी.
12. स्विट्जरलैंड जैकीस चिकार्ड पेशे से एक इंजीनियर थे. उन्होने अपनी पूरी जिन्दगी में काफी पैसा कमाया था. अपनी वसीयत की सारी (टोटल 17 लाख फ्रेंस’) प्रापर्टी को उन्होने जानवरों के अस्पताल के नाम कर दिया. उन्होने लिखा कि इस प्रापर्टी से Veterinary Hospital खोला जाए, जहां घायल जानवरों का मुफ्त में इलाज हो.
13. आस्ट्रेलिया के जैम्स मूर अपनी सारी प्रापर्टी कंगारूओं पर खर्च करने के लिये छोड़ गये. वे एक बड़ी दूध डेरी के चलाते थे. 23जुलाई 1988 को उनकी मौत हो गई थी.  
14. जानवरों से प्यार करने वाले ऐसे ही एक और शख्श भी हैं. डेनमार्क की कैपिटल कोपेनहेगन में रहने वाले फोटोग्राफर वल्डेकर को गायों से गहरा प्यार था. हेल्पलेस और बीमार गायों को देख कर वे दुखी हो जाते थे. इसका सबूत यह था कि वे ऐसी गायों की अलग अलग पोज में फोटो खींचते थे और उनको बेंच कर मिलने वाले पैसों को अलग रख देते थे. 18 नवम्बर 1983 को उनकी डेथ के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो उसमें लिखा था- “ मैंने गायों की फोटो से जो पैसा कमाया है वह कोपनहेगन के एक बैंक में जमा है. इससे एक गौ शाला बनाई जाए और वहां पर बीमार बूढ़ी एवं बेसहारा गायों की परवरिश की जाए”. आपको यह जानकर ताजुब होगा कि उन्होने इस काम के लिये 19 लाख क्रोन (1 करोड़ 70 लाख से भी ज्यादा- रू. 17023424.30) जमा किये थे.
15. अमेरिका में वरमोट की रहने वाली जीन कोर हजो का अपना एक डिपार्टमैंटल स्टोर था. 8 दिसंबर 1987 को उनकी मौत के बाद उनकी वसीयत पढ़ी गई सब चौंक गए. उन्होने अपनी प्रापर्टी के 15 लाख डालर पूसी, रूबू और खोसी नाम की तीन बिल्लियों के लिए, 7 लाख डालर कबूतरों के लिए और 3 लाख चिडिय़ों के लिए दान कर दिये थे.
16. लंदन के एक कारीगर केवेन्टर अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे कि अचानक एक गिलहरी उनकी बाइक के पहिये के नीचे आकर मर गई. उनको इस घटना का इतना अफसोस हुआ कि उन्होने अपनी वसीयत में सारी प्रापर्टी गिलहरियों के नाम कर दी. उन्होने लिखा कि इस पैसे से गिलहरियों के दाना-पानी की व्यवस्था की जाए. 
17. निक एकाडे नाम के एक महोदय के पास डोली नाम का कुत्ता था. वह कुत्ता हर वक्त उनके साथ रहता था. 18 जून 1991 को उनकी मौत हो गई. जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो घर वालों के पैरों तले से जमीन खिसक गई. अपनी 35 लाख डालर की सारी प्रापर्टी वे अपने हमसफर दोस्त ‘डोली’ के नाम कर गए थे. साथ ही यह भी लिख गए थे कि उनकी मौत के बाद उनकी बीवी व बच्चों को उनके घर से बेदखल कर दिया जाए तथा उस घर में आवारा कुत्तों की परवरिस के लिए एक अनाथालय बनाया जाए. 
18. जर्मनी के एक डॉक्टर को अंधेरे से सख्त नफरत थी. उन्हे लगा कि उनकी मौत के बाद का समय उन्हे कब्र में अधेरे में ही गुजारना होगा. इसके लिये अपनी वसीयत में उन्होने इच्छा जाहिर की कि उनकी मौत के बाद उनके ताबूत में बारीक जालियां लगाई जाएं और साथ ही कुछ जलती हुई मोमबत्तियां भी रखी जाएं. उनकी इस विश को मान लिया गया.
19. शराबियों की तो एक अलग ही दुनिया होती है. वो कहते हैं न कि ‘शराब की लत मरते मरते भी नहीं जाती’. युगोस्लाविया के एक पियक्कड़ बिजनेसमैन के साथ ऐसा ही हुआ. उसने मरने के बाद भी शराब पर अपना प्यार लुटाते रहने वाली वसीयत लिखी. उसने लिखा – मैं जो प्रापर्टी छोड़े जा रहा हूं उसके खर्चे से हर रोज मेरी कब्र को शराब से धोया जाए और साल में एक दिन (उसके मरने की तारीख पर) शहर भर के तमाम शराबियों को कब्र के ही पास बैठकर जी भर शराब पिलाई जाए.
20. आर्थर एवमैन जर्मनी के अमीर लोगों में से गिने जाते थे. उन्होने अपनी वसीयत में लिखा था कि जो लोग उनकी  शवयात्रा में शामिल होंगे उन्हे उनकी प्रापर्टी का हिस्सा दिया जाएगा.
21. वसीयतें केवल अमीर और पढ़े लिखे संपन्न लोग ही नहीं करते हैं. भिखारी भी अपनी वसीयत करते हैं. इग्लैंड के कैनन हैरी ऐसे ही एक भिखारी थे जिन्होने भीख मांग काफी सारा पैसा इकट्ठा किया और सारी प्रापर्टी भिखारियों के इंटरटेनमेंट के नाम कर दी.

Report by: Alok Dixit


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