- टेक्नोलॉजी के यूज से एग्रीकल्चर ग्रोथ को मिलेगी स्पीड, इंक्यूबेशन इनोवेशन सेंटर भी बनेगा, बड़ा फायदा

-टाटा ट्रस्ट व बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन करेगा 100 करोड़ का इंवेस्टमेंट, यूपी गर्वनमेंट भी है शामिल

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KANPUR: एग्रीकल्चर ग्रोथ को स्पीड देने के लिए आईआईटी कानपुर में 100 करोड़ की लागत से देश का पहला एग्रीटेक हब डेवलप किया जाएगा। इसमें इनोवेशन को प्रॉयोरिटी दी जाएगी। गवर्नमेंट किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही उन्हें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस इसके तहत करेगी। इसके लिए आईआईटी का इन्फ्रॉस्ट्रक्चर एग्री हब यूज किया जाएगा। एग्री हब को खोलने में टाटा ट्रस्ट व बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन 100 करोड़ का इनवेस्टमेंट करेगा। एग्री हब का काम नेक्स्ट मंथ से शुरू हो जाएगा। यूपी के सबसे बैकवर्ड डिस्ट्रिक के लिए सबसे पहले इस हब में काम किया जाएगा। बता दें कि इसके बनने के बाद किसान अच्छी और केमिकल रहित चीजें उगा सकेंगे। जिससे हमारा खाना भी और पौष्टिक और स्वादिष्ट बनेगा।

किसानों के साथ सबको फायदा

आईआईटी कानपुर के डीन ऑफ रिसोर्स एंड डेवलपमेंट प्रो। अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि इंडिया एग्रीटेक इंक्यूबेशन नेटवर्क(आईएआईएन)स्टार्ट होने जा रहा है। इसमें छोटे किसानों की कमाई को टेक्नोलॉजी की मदद से दोगुना करने पर काम किया जाएगा। पांच सालों में 60 इंटरप्राइजेज को सपोर्ट किया जाएगा जिससे 50 हजार किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। किसानों को इसके अलावा केमिकल रहित सब्जियां और फल उगाने के लिए भी ये योजना हेल्प करेगी, जिससे लोगों को भी फायदा होगा। यूपी में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेके्रटरी अमृत मोहन ने कहा कि टेक्नोलॉजी के यूज से एग्रीकल्चर की स्थिति को बदला जा सकता है। आईआईटी में इसके लिए स्पेशल लैब्स डेवलप की जाएंगी। यूपी गवर्नमेंट भी इसमें शामिल है। यूपी के किसान सबसे ज्यादा फायदा उठाएंगे।

वर्जन

आईआईटी कानपुर में देश का पहला एग्री हब बनाया जाएगा। इसके लिए टाटा ट्रस्ट, बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन पांच साल में 100 करोड़ रुपए खर्च करेगा। एग्री हब में इंक्यूबेशन इनोवेशन सेंटर भी बनेगा। अगस्त से इस हब के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा। यूपी गवर्नमेंट भी इस प्रोजेक्ट में शामिल है।

प्रो। अभय करंदीकर, डायरेक्टर, आईआईटी कानपुर