-टिहरी और रुद्रप्रयाग के सीमावर्ती गांवों में बन गया था आतंक

-दो माह में चार लोगों को बना चुका था निवाला

श्रीनगर

टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों के सीमावर्ती गांवों में आतंक का पर्याय बना मैनईटर लैपर्ड आखिरकार मार डाला गया। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह वही लैपर्ड है, जिस पर रुद्रप्रयाग जिले में भी गोली मारी गई थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला था।

दो महीने में चार को मारा

पिछले दो माह में यह लैपर्ड रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले में चार लोगों को शिकार बना चुका था। बीते फ्राईडे को टिहरी जिले में पड़ने वाले धारी गांव में लैपर्ड ने एक महिला को शिकार बनाया था। वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि लैपर्ड को मारने के लिए पौड़ी के मशहूर शिकारी जॉय हुकिल को तैनात किया गया था। जॉय हुकिल रुद्रप्रयाग क्षेत्र में भी इस लैपर्ड का पीछा कर चुके थे और जखोली ब्लॉक में उनकी गोली से जख्मी होने के बाद लैपर्ड भाग गया था।

संडे का मारी थी बछिया

वन क्षेत्राधिकारी के मुताबिक संडे को लैपर्ड ने धारी गांव के पास बछिया को शिकार बनाया। इसके बार शिकारी जॉय हुकिल ने वहीं पर मचान बनाकर लैपर्ड का इंतजार किया। मंडे सुबह लैपर्ड वहां पहुंचा तो वह गोली का शिकार बन गया। रेंजर ने बताया कि इस मेल लैपर्ड की उम्र करीब आठ वर्ष थी। पोस्टमार्टम में उसके शरीर से गोली के छर्रे मिले हैं। लैपर्ड के मारे जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।

हरिद्वार में लैपर्ड ने खोदी कब्र

हरिद्वार: दो लोगों को मार चुका और एक को घायल कर चुका लैपर्ड अब कब्रिस्तान में कब्र को निशाना बना रहा है। संडे रात को लैपर्ड ने कब्रिस्तान में चार कब्र खोद डाली। एक कब्र के बाहर से बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिला। वन विभाग को कब्र के पास से लैपर्ड के पंजों के निशान मिले हैं। विभाग ने वहां पिंजरा लगा दिया है।