इराक के फारमर प्रेसिडेंट सद्दाम हुसैन के नौ लग्जीरियस पैलेसेज को इस्लामिक स्टेट IS के आतंकियों ने थर्सडे को बम ब्लास्ट से उड़ा दिया.


र्सोसेज के हवाले से पता चला है कि इराक में खतरनाक टेरेरिस्ट ग्रुप आईएसआईएस ने वहां के फॉरमर प्रेसिडेंट सद्दाम हुसैन के होम टाउन तिकरित में उनके नौ शानदार पैलेसेज को बम से उड़ा दिया है. इराक की कैपिटल बगदाद से 170 किमी नॉर्थ और सद्दाम के गांव अवजा से 12 किमी दूर इस जगह पर तिकरित नदी के किनारे उनके 76 महल, छोटे विला, आर्टिफीशियल झीलें आदि हैं. 2003 में अमेरिका के अटैक के बाद इन जगहों का इस्तेमाल कोलेशन र्फोसेज के सैनिक कर रहे थे. उनकी वापसी के बाद ये जगह इराकी एजेंसियों के हवाले कर दी गई थी. सद्दाम हुसैन 16 जुलाई, 1979 से 9 अप्रैल, 2003 यानि करीब दो डीकेट तक इराक़ के प्रेसिडेंट रह चुके है. उन्हें 30 दिसम्बर 2006 को नॉर्थ बगदाद में सुबह 6 बजे सन् 1982 में इराक में हए दुजैल जनसंहार मामले में फाँसी की सजा दी गयी थी.   
सद्दाम हुसैन का जन्म 1973 के अप्रैल महीने में बग़दाद के नॉर्थ में बने तिकरित के एक गाँव में हुआ था. 1957 में हुसैन ने बाथ पार्टी की मेंबरशिप ली जो अरब नेशनलिज्म के समाजवादी रूप का मूवमेंट चला रही थी. 1962 में इराक़ में हुए विद्रोह में ब्रिगेडियर अब्दुल करीम क़ासिम ने ब्रिटेन के सर्पोट से चल रही सत्ता को हटा पॉवर अपने क़ब्ज़े में कर ली. सद्दाम भी इस विद्रोह में शामिल थे. 1968 में फिर विद्रोह हुआ और इस बार 31 साल के सद्दाम हुसैन ने जनरल अहमद हसन अल बक्र के साथ मिलकर सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया. 1979 में सद्दाम हुसैन ने ख़राब हेल्थ के नाम पर जनरल बक्र को रिजाइन करवा कर खुद को प्रेसिडेंट डिक्लेयर कर दिया. उन्होंने 1980 में न्यू  इस्लामिक रेव्योल्यूशन के अपोजीशन में वेस्ट ईरान में अपनी र्फोस भेजी. इसके बाद आठ साल तक चली वॉर में लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. अमरीका और ब्रिटेन ने कंबाइन र्फोस के साथ इराक़ पर हमला किया और अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन को सत्ता से बाहर कर दिया.

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Posted By: Molly Seth