दो तिहाई शहर में बढ़ा एयर पाल्यूशन सांस के मरीजों को दिक्कत पाल्यूशन कंट्रोल विभाग की रिपोर्ट में हुई पुष्टि एक दिसंबर से बढ़ेगा खतराठंड की दस्तक होते ही शहर में पाल्यूशन का लेवल बढऩे लगा है. रविवार को दो तिहाई शहर की हवा का स्तर खराब पाया गया. इसमें धूल के कण और हानिकारक गैसों का लेवल अधिक था. जो कि सांस लेने में फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. एक्सपट्र्स का कहना था कि ठंड में एयर पाल्यूशन के लेवल के बढऩे की स्थिति बनी रहती है. जिससे लोगों को एलर्ट रहना जरूरी है.


प्रयागराज ब्यूरो । शहर की आबो हवा दो तिहाई इलाकों में दूषित हो गई है। इनमें झूंसी, अलोपीबाग, दारागंज, सोहबतियाबाग, सिविल लाइंस, नगर निगम, नवाब युसुफ रोड आदि शामिल हैं। यहां पर हवा की क्वालिटी का स्तर 200 से अधिक पहुंच चुकी है। जिसे खराब माना जाता है। इस हवा में सांस लेने से तमाम बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसी तरह तेलियरगंज में भी हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। हालांकि यहां पर माडरेट लेवल बना हुआ है। क्यों बढ़ रहा है पाल्यूशन


दरअसल ठंड का मौसम आते ही हवा में पाल्यूटेंट की मात्रा बढऩे लगती है। शहर की दो तिहाई हवा में धूल के कणों की संख्या एवरेज से दो गुना पहुंच चुकी है। इसका कारण उखड़ी सड़कें हैं। इसकी वजह से धूल उड़कर सीधे सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंच रही है। इसके अलावा नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड और कार्बन मोनो आक्साइड जैसी घातक गैसों का हवा में स्तर बढ़ रहा है। कोहरा पड़ा तो मुश्किल होगा सांस लेना

माना जाता है कि ठंड के मौसम में भारी कण निचली सतर पर आ जाते हैं। ओस और कोहरे की वजह से धूल के कण और हानिकारक गैसें ऊपर नही जा पाती हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि एक दिसंबर के बाद घना कोहरा पडऩे की उम्मीद है। ऐसे में हवा में पाल्यूशन लेवल बढ़ सकता है। इससे लोगों का सांस लेना अधिक दूभर हो जाएगा। सहालग की वजह से बढ़ रहा पाल्यूशनइसके अलावा वर्तमान में सहालग का सीजन चल रहा है। शहर में रोजाना सैकड़ों बारात निकल रही हैं। इनमें जमकर आतिशबाजी हो रही है। जिससे हवा में पाल्यूशन लेवल बढ़ रहा है। इसके अलावा दो और चार पहिया वाहनों का संचालन शादियों की वजह से रात में भी बढ़ गया है। यह भी पाल्यूशन बढऩे का अहम कारण बन रहा है। ऐसे बचाएं अपने फेफड़े- अगर अस्थमा के रोगी हैं तो बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें।- अली मार्निंग घर से निकलने से बचें क्योंकि उस समय पाल्यूटेंट काफी नीचे स्तर पर होते हैं।- सांस लेने में कठिनाई होने पर डॉक्टर की सलाह लें और दवाओं का सेवन करें।ठंड में पाल्यूशन लेवल बढऩा आम बात है। इसलिए खुद को एक्सपोजर से बचाकर रखना जरूरी है। जिन एरिया में पाल्यूशन लेवल बढ़ा है वहां पर लोगों को एलर्ट रहना होगा। पाल्यूशन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है।डॉ। अनुज गुप्ता, प्रीति नर्सिंग होम जार्जटाउन

अगर कोई सांस का रोगी है तो वह खुद को एलर्ट रखे। अगर कोई लक्षण दिख रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करे। शादियों के सीजन में वैसे भी पाल्यूशन का लेवल बढऩे लगता है। जिस पर रोक लगना जरूरी है।डॉ। राजीव सिंह, नारायण स्वरूप हॉस्पिटल, मुंडेरा

Posted By: Inextlive