जोर झटका मगर धीरे से

2011-04-21T16:23:00Z

हेल्थकेयर और हेल्थ सर्विस में इन दिनों लोगों का रुझान बढ़ा है दसवीं से ही स्टूडेंट्स इस ओर ध्यान देने लगे हैं वैसे हेल्थ सर्विस और मेडिकल टूरिज्म की ओर यंगस्टर्स के बढ़ते रुझानों को इस खबर से झटका लग सकता है

अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने इंडिया  के मेडिकल टूरिज्म को बड़ा झटका देते हुए अमेरिकियों से कहा है कि वे सस्ते इलाज के लिए भारत ना जाएं. ओबामा ने सस्ती हेल्थ सर्विसेज उपलब्ध कराने वाले इंडिया और मैक्सिको जैसे देशों को निशाना बनाते हुए कहा कि अमेरिकियों को देश में मिलने वाला इलाज लेना चाहिए.
ओबामा ने वर्जीनिया स्थित कम्युनिटी कॉलेज में कहा, मेरी प्राथमिकता यह होगी कि आपको सस्ते इलाज प्राप्त करने के लिए मैक्सिको या भारत जैसे देशों की यात्रा न करनी पड़े. उन्होंने यह बात एक व्यक्ति द्वारा अमेरिका में स्वास्थ्य सुविधा के बढ़ते खर्च के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही.

 
उधर, हावर्ड बिजनेस स्कूल में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर हर्जलिंगर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह कुशल एवं प्रभावी सेवा दे. हर्जलिंगर का मानना है कि मेडिकल टूरिज्म इंटरनेशनल बिजनैस में आने वाले दिनों में काफी कंपटिशन का माहौल बनाने जा रहा है. इंडिया इस माहौल का फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है क्योंकि मेडिकल सेवा देने वाली कंपनियों ने इसके लिए व्यापक तैयारी की है और उनके पास इसके लिए पर्याप्त कैपिटल भी है.
गौरतलब है कि अमेरिकी हेल्थ सर्विसेज पर 2.3 लाख करोड़ डॉलर खर्च करते हैं, जो चीन के जीडीपी के बराबर है.



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